पढ़िए इस लड़की की दास्तान जिसके पास ना तो गर्भ है ना ही योनि का भीतरी हिस्सा

जोआना गियानॉली नाम की यह लड़की जब पैदा हुई थी तो उपर से देखने में यह बिल्कुल आम लड़कियों के जैसे थी सुंदर और स्वस्थ. लेकिन जब जोआना 15 साल की हो गई तब तक इसके पीरियड्स शुरू नहीं हुए तो जोआना की मां को कुछ गलत होने का एहशास होने लगा तो उन्होंने तो उसे वह लेकर अपने फैमली डॉक्टर के पास लेकर गई लेकिन उस डॉक्टर ने यह कह कर इंकार कर दिया कि वह जोआना के प्राईवेट पार्ट्स को नहीं छू सकता.

इसके बाद फिर जोआना 16 साल की हुई तो उनका एक जांच हुआ जिसमें यह पता चला कि इसके तो न गर्भ है ना योनि मार्ग. डॉक्टरों ने बताया कि जोआना ‘रॉकिटिन्स्की सिंड्रोम’ नाम की बीमारी से पीड़ित है जो लगभग हर 5000 में से एक महिला को होता है.

Joanna Giannouli born without womb, cervix and vagina
Joanna Giannouli born without womb, cervix and vagina

image source- bbc.com

इसके बाद जोआना को कई शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परेशानियों से गुजरना पड़ा. उनकी मां यह बात जानने का बाद काफी दुखी रहने लगी थी. उन्हें यह लगता था की गर्भावस्था के दौरान उसने से ही कोई गलती हो गई है. जिसका खामियाज़ा जोआना उठा रही है. लेकिन जोआना ने अपनी मां को समझाया कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है यह तो बस जीन्स के वजह से हुआ है.

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इसके बाद 17 साल के उम्र में एक बड़ा ऑपरेशन हुआ जिसमे डॉक्टरों ने जोआना के शरीर में एक नया योनि मार्ग बनाया यह एक बहुत बड़ी बात थी उनके देश ‘एथेंस’ में.

लेकिन यह ऑपरेशन भी पूरी तरह सफल नहीं था क्योंकि डॉक्टरों द्वारा बनाया गया यह योनि-मार्ग काफी संकरा था जिससे जोआना को संबंध बनाते समय काफी दर्द होता था जिसके कारण एक बार फिर से जोआना का ऑपरेशन करना पड़ा.

अब ऐसा नहीं था इसके बाद जोआना के जीवन में सब कुछ ठीक हो गया. उनके साथी उनके इस शारीरिक स्थिति के कारण उनका मजाक उड़ाया करते थे. इसके कारण उनके अभी तक कोई स्थाई संबन्ध नहीं बन पायें. वह गुस्सा, शर्मिंदगी और अपराधबोध के साथ अपनी जिंदगी जीती रही.

लेकिन जोआना को लगा कि वह ऐसे नहीं जी नहीं सकती और उन्होंने इस शर्म और गुस्सा के जंजीर को तोड़ दिया है वह कहती है “बहरहाल अब करीब 10 साल बीत चुके हैं. हालांकि मुझे अब भी इस बारे में ख़राब लगता है लेकिन अब मैं शर्मिंदा नहीं हूं. और अब मुझे यह भी समझ में आ गया है कि मैं इसे बदल नहीं सकती. मुझे इसे स्वीकार करना होगा और इसके साथ जीना सीखना होगा. मेरा पुनर्जन्म हुआ था. इसने मुझे एक नई ज़िंदगी, एक नई पहचान दी है. मेरी ज़िंदगी की दिशा बदल दी. अब मैं हर दिन को जीती हूं. मैं भविष्य के लिए कोई योजना नहीं बनाती क्योंकि मुझे पता नहीं कि मैं ज़िंदा रहूंगी भी या नहीं. मैं मां बनना चाहूंगी. चाहे वह जैविक ढंग से हो, सरोगेट मां हो या एक फ़ॉस्टर मां. अब मुझे ऐसा लगता है कि मैं आजाद हूँ. अब मैं उन महिलाओं के लिए काम करना चाहती हूं जो ऐसी समस्यां से गुजर रही है.क्योंकि मैंने जीते जी यहां नरक भोगा है और मैं यह नहीं चाहती की और इसे भोगे.

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