क्या आप जानतें है, सैनिटरी नैपकिंस से होने वाले ये नुकसान?

सैनिटरी नैपकिंस ने महिलाओं के जीवन को जितना आसान बनाया है। यह उतना खतरनाक है उनके जीवन के लिए तो चलियें आज हम आपकों बतातें है, पीरिएड्स के दौरान प्रयोग में लाये जाने वाले पैड्स से होने वाले नुकसान के बारे में जो बहुत ही कम महिलाएं जानती हैं।

Sanitary-Napkin
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  1. आप जो सुपर एबसोरबैंट पैड युज़ करती हैं उसमे मौजूद सेलूलोज़ (cellulose) महिलाओं मे होने वाले सर्वाइकल कैंसर का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।
  2. पैड्स में खुशबू के लिए यूज़ होने वाले डीओडीरैंट्स के कारण बांझपन और बर्थ डीफैक्ट्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  3. कॉटन, जिसका यूज़ पैड्स बनाने मे होता है, की खेती के दौरान उसपर कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता है जो पैड यूज़ करने के दौरान हमारे शरीर में पहुच जाता है और कैंसर का कारण बनता है।

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  1. पैड्स में सिंथेटिक मैटेरियल का यूज़ किया जाता है जो इंटीमेट एरिया में नमी की मात्रा को बढ़ा देता है, जिससे यीस्ट और बैक्टेरिया की ग्रोथ होती है और इंफेक्शन का खतरा बना रहता है।
  2. अगर आप अपने पैड को हर 4 घंटे बाद नहीं बदलतीं हैं तो यह टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम का कारण बन सकता है और यहाँ तक कि मृत्यु का भी।
  3. औसत एक महिला अपने जीवन काल में लगभग 16,800 पैड्स का यूज़ करती है जो कि वातावरण के लिए नुकसानदायक है क्योंकि यह नॉन बायोडिग्रेडेबल है और इसे रीसाइकिल भी नहीं किया जा सकता।

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