छात्रों के बीच बढ़ता जर्नलिज्म का क्रेज!

आकाश पोपली

जर्नलिज्म ने आज छात्रों के मन में वो जगह बना ली हैं जो कुछ समय पहले बी.टेक और आई.टी.आई जैसे कोर्स ने बनाई थी | लेकिन आज के युवा छात्र के मन में जर्नलिज्म जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज ने जगह बनाई हैं और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण हैं कि आज के युवा छात्र मेहनत करने से डरते हैं और इसके साथ ही साथ कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना और फेमस होना चाहता हैं |

जिसके जरिये आज का युवा जर्नलिज्म जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज को समझता हैं | आपको बता दे कि प्रोफेशनल कोर्स वह कोर्स होते हैं जो आपको आपके विषय में इतनी जानकारी देकर कुछ इस तरह से तैयार किया जाता हैं कि आप उस विषय से जुडी नौकरी कर सके |

आज शिक्षा के इस बड़े बाज़ार में बहुत से प्रोफेशनल कोर्सेज हैं जैसे जर्नलिज्म , ट्रांसलेशन , शोर्ट हैण्ड ( स्टेनो ) और कई लैंग्वेज कोर्सेज भी इस बाज़ार में अपनी थाक जमाये हुए हैं |

लेकिन इन सब में जर्नलिज्म एक ऐसा कोर्स हैं जिसकी न तो कोई सीमा हैं और न ही कोई इसका स्वरूप | जर्नलिज्म में आप तीन साल की बैचलर डिग्री भी कर सकते हैं तो एक साल का डिप्लोमा भी, तो आप इसमें मास्टर डिग्री के साथ – साथ इस विषय में रिसर्च स्कॉलर भी बन सकते हैं | लेकिन यह आप पर निर्भर करता हैं कि आप कौन-सी डिग्री का चयन करते हैं |

जर्नलिज्म के मामले में अच्छे हैं यह कॉलेज और इंस्टिट्यूट ….

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  1. IIMC ( इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन ) में जर्नलिज्म से सम्बंधित 5 अलग – अलग कोर्स कराए जाते हैं | जिसमे रेडियो और टेलीविज़न जर्नलिज्म , हिंदी / उर्दू / इंग्लिश जर्नलिज्म , एडवरटासिंग और पब्लिक रिलेशन जैसे कोर्स हैं | इसमें एडमिशन लेने के लिए आपका स्नातक उतीर्ण होना जरुरी हैं या फिर आप स्नातक के अंतिम वर्ष में हो | यह इंस्टिट्यूट एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स करवाता हैं |
  2. जामिया मिलिया इस्लामिया – यहाँ पर भी जर्नलिज्म जैसे प्रोफेशनल कोर्स का अध्ययन होता हैं यहाँ पर जर्नलिज्म का स्नातक और उत्तर स्नातक दोनो ही स्तर पर होता हैं | यह विश्वविद्यालय तीन वर्षीय बैचलर डिग्री और दो वर्षीय मास्टर डिग्री करवाता हैं | अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाये |
  3. भारतीय विद्या भवन भी उन संस्थानों में गिना जाता हैं जहाँ जर्नलिज्म की पढाई कराई जाती हैं | यहाँ पर स्नातक और उत्तर स्नातक दोनों ही स्तर पर प्रवेश लिया जाता हैं | यह इंस्टिट्यूट एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स करवाता हैं |
  4. डीयू में जर्नलिज्म की पढाई होती हैं जिसमे 4 कॉलेज हिंदी जर्नलिज्म के और 4 कॉलेज इंग्लिश जर्नलिज्म के होते हैं | डीयू में हिंदी जर्नलिज्म के 181 सीटे तो वही इंग्लिश जर्नलिज्म के लिए 180 सीटे हैं | यह विश्वविद्यालय तीन वर्षीय बैचलर डिग्री करवाता हैं |

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